एक सन्कल्प
एक सन्कल्प
जिधर देखूं .....हर एक के दिल से तमन्ना झांकती नज़र आति है
कुछ दिल में गर्माहट् लाने वाली
और कुछ दिमाग को थन्ड कर्ने वाली
नया साल फिर से अपनी मूंह लप्-लपाते आयेगा
और हमसे ढेर सारी सन्कल्प ले जयेगा
कुछ हस्ते-हस्ते वादे होंगे
कुछ रुस्ठ भरे इरादे होंगे
कुछ दिन तडप-तडप के जियेंगे
फिर ताथैया नाच!
इन सब पर्वो का क्या मतलब है?
कोइ भोजन बरबाद करे
और कोई तडपे चन्द दानो को लेकर
मनही मन मुस्काती हूं मैं
जरूर इश्वर की प्यारी हूं मैं
भरि-पुरि परिवार की हूं मैं
पुरे जग से क्या है लेना
बस मुझे हताश ना करना
बस मुझे हताश ना करनाल
Copyright © BuntysBanter २००७
जिधर देखूं .....हर एक के दिल से तमन्ना झांकती नज़र आति है
कुछ दिल में गर्माहट् लाने वाली
और कुछ दिमाग को थन्ड कर्ने वाली
नया साल फिर से अपनी मूंह लप्-लपाते आयेगा
और हमसे ढेर सारी सन्कल्प ले जयेगा
कुछ हस्ते-हस्ते वादे होंगे
कुछ रुस्ठ भरे इरादे होंगे
कुछ दिन तडप-तडप के जियेंगे
फिर ताथैया नाच!
इन सब पर्वो का क्या मतलब है?
कोइ भोजन बरबाद करे
और कोई तडपे चन्द दानो को लेकर
मनही मन मुस्काती हूं मैं
जरूर इश्वर की प्यारी हूं मैं
भरि-पुरि परिवार की हूं मैं
पुरे जग से क्या है लेना
बस मुझे हताश ना करना
बस मुझे हताश ना करनाल
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